मदरसा चंदा कलेक्शन के लिए डिजिटल रसीद सिस्टम

अस्सलामु अलैकुम नाज़रीन, डिजिटल रिसिप्ट कलेक्शन का दूसरा भाग

डिजिटल रिसिप्ट कलेक्शन के पहले भाग में हमने देखा था कि एजेंट किस प्रकार अलग-अलग जगह जाकर कलेक्शन करता है और लोगों को ऑनलाइन रसीद देता है।

अब दूसरे भाग में हम समझेंगे कि एजेंट के पास जमा हुआ रक़म सही जगह, यानी एडमिन (मदरसे का हेड, सेक्रेटरी या प्रिंसिपल) के पास, कैसे पहुँचता है।

इस दूसरे भाग को हम दो हिस्सों में समझ सकते हैं:

पहला हिस्सा: एजेंट एक डिपॉजिट रिक्वेस्ट तैयार करता है। इसके ज़रिये से वह एडमिन को सूचित करता है कि उसके पास जो रक़म जमा हुआ है, वह उसे जमा करना चाहता है।

डिपॉजिट रिक्वेस्ट (इनवॉइस) जनरेट करने की प्रक्रिया

डिपॉजिट रिक्वेस्ट जनरेट करने के लिए एजेंट को सबसे पहले सॉफ्टवेयर में प्रवेश करना होता है। इसके लिए वह मदरसा लिंक के ज़रिये से सिस्टम में जाता है।

जैसे ही वह Agent Login पर क्लिक करता है, उससे पहले एक विकल्प आता है जिसमें उसे अपना मदरसा चुनना होता है।

एजेंट पहले मदरसा सेलेक्ट करता है और फिर आगे बढ़ता है।

इसके बाद लॉगिन स्क्रीन आता है, जहां एजेंट अपना यूजर आईडी और पासवर्ड दर्ज करता है और अपने डैशबोर्ड में पहुंच जाता है।

डैशबोर्ड में उसे एक लिंक दिखाई देता है: “Raise Deposit Request to Admin”

एजेंट इस लिंक पर क्लिक करता है। क्लिक करते ही उसके सामने पूरी डिटेल्स आ जाती हैं, जैसे:

कुल चन्दा (Total Donation)
पहले जमा किया गया अमाउंट
बकाया राशि (Unsettled Amount)

इन जानकारियों को देखने के बाद एजेंट रिक्वेस्ट को सबमिट कर देता है।

दूसरा हिस्सा: दूसरे हिस्से में हम समझेंगे कि एडमिन किस प्रकार एजेंट द्वारा भेजी गई डिपॉजिट रिक्वेस्ट का सेटलमेंट करता है।

जब एजेंट अपनी डिपॉजिट रिक्वेस्ट सबमिट कर देता है तो उसकी जानकारी एडमिन को पहुँचाता है। इसके बाद एडमिन अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से ऐप में लॉगिन करता है।

लॉगिन करने के बाद एडमिन अपने डैशबोर्ड पर पहुँचता है। डैशबोर्ड में उसे एक लिंक दिखाई देता है: “View Agents and Settle Collections”

एडमिन इस लिंक को क्लिक करता है। क्लिक करने के बाद उसके सामने सभी पेंडिंग सेटलमेंट रिक्वेस्ट की सूची आ जाती है।

यदि एक से अधिक एजेंट्स ने रिक्वेस्ट भेजी है, तो एडमिन हर एजेंट के सामने दिख रहे पेंडिंग अमाउंट के मुताबिक़ उन्हें एक-एक करके सेटल करता है।

अब मान लीजिए कि एडमिन किसी एक एजेंट का सेटलमेंट करना चाहता है। वह उस एजेंट के सामने दिए गए “Settle” विकल्प पर क्लिक करता है।

क्लिक करने के बाद एजेंट की पूरी डिटेल्स सामने आ जाती हैं, जैसे:
कुल कलेक्शन (Total Collection)
पहले से जमा किया गया अमाउंट
अनसेटल (बाकी) अमाउंट

यदि एजेंट पूरा अमाउंट जमा कर रहा है, तो पूरा अमाउंट दर्ज किया गया होगा। यदि आंशिक (Partial) जमा कर रहा है, तो उतना ही अमाउंट दर्ज किया गया होगा।

इसके साथ ही यह भी दर्ज किया जाता है कि: कितना अमाउंट ऑनलाइन जमा हुआ है कितना अमाउंट कैश में जमा हुआ है

एडमिन ऑनलाइन पेमेंट की रसीद को चेक करता है। जब एडमिन को सब कुछ सही लगता है, तो वह डिपॉजिट रिक्वेस्ट को Approve (मंज़ूर) कर देता है।

एप्रूवल के बाद एक डिपॉजिट सर्टिफिकेट जनरेट होता है। यह सर्टिफिकेट एजेंट को भेज दिया जाता है, आमतौर पर WhatsApp के ज़रिये से।

इस सर्टिफिकेट में यह जानकारी होती है: एजेंट ने कुल कितना रक़म जमा किया मदरसा फंड में कितना गया एजेंट को कितना कमीशन मिला

इस तरह पूरी सेटलमेंट प्रोसेस कामयाबी के साथ हो जाती है।

किसी भी वज़ाहत के लिए 7004723289 पर राब्ता करें। 📞

अल्लाह-हाफ़िज़।

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